एक दिन वह गुप्त रूप से दवाइयाँ लेना बंद कर देता है, जिससे उसके भ्रम वापस लौट आते हैं। एक बार वह अपने बेटे को नहलाते समय लगभग उसे नुकसान पहुँचा देता है। एलिसिया (उसकी पत्नी) समझ जाती है कि स्थिति गंभीर है। वह बच्चे को लेकर जाने लगती है, लेकिन जॉन उसे रोकता है।
शीर्षक: ए ब्यूटीफुल माइंड (A Beautiful Mind) निर्देशक: रॉन हॉवर्ड (Ron Howard) मुख्य कलाकार: रसेल क्रो (जॉन नैश), जेनिफर कॉनली (एलिसिया नैश), एड हैरिस, पॉल बेटनी पुरस्कार: 4 अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) – सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (जेनिफर कॉनली), सर्वश्रेष्ठ रूपांतरित पटकथा रिलीज़ वर्ष: 2001 कहानी का सारांश (Story Summary) यह फिल्म प्रसिद्ध गणितज्ञ जॉन फोर्ब्स नैश जूनियर (John Forbes Nash Jr.) की वास्तविक जीवनी पर आधारित है। कहानी 1947 में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से शुरू होती है, जहाँ जॉन नैश एक प्रतिभाशाली लेकिन अजीबोगरीब स्नातक छात्र हैं। वह मूल शोध प्रस्तुत करके अपनी पहचान बनाना चाहता है। वह ‘गेम थ्योरी’ (खेल सिद्धांत) पर काम करता है और एक नई अवधारणा ‘नैश इक्विलिब्रियम’ प्रस्तुत करता है।
इस सफलता के बाद वह MIT में प्रोफेसर बन जाता है। वहाँ उसकी मुलाकात एक खूबसूरत और होशियार छात्रा से होती है, जो बाद में उसकी पत्नी बनती है।
बाद में पता चलता है कि जॉन को (Paranoid Schizophrenia) नामक मानसिक बीमारी है। चार्ल्स, पार्चर, और एक छोटी लड़की (चार्ल्स की भतीजी) – ये तीनों पात्र पूरी तरह से काल्पनिक हैं। ये केवल जॉन के दिमाग की उपज हैं। उसका "गुप्त एजेंट" बनना, कोड तोड़ना – सब कुछ एक भ्रम (hallucination) था। फिल्म का मुख्य संदेश (The Core Message) जॉन को अस्पताल में भर्ती कराया जाता है और उसे इंसुलिन शॉक थेरेपी दी जाती है। ठीक होने के बाद भी उसके भ्रम पूरी तरह नहीं जाते। उसे दवाइयाँ लेनी पड़ती हैं, जिससे उसकी सोचने की क्षमता प्रभावित होती है। वह अपनी पढ़ाई और गणित पर दोबारा काम नहीं कर पाता।
धीरे-धीरे जॉन को एक गुप्त सरकारी एजेंट (William Parcher) भर्ती करता है। पार्चर जॉन को कहता है कि उसे सोवियत संघ की गुप्त योजनाओं को समझने के लिए समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में छिपे कोड ढूंढने हैं। जॉन यह काम करने लगता है और उसे एक साथी चार्ल्स (Charles) भी दिखाई देने लगता है, जो उसका काल्पनिक रूममेट है।
एक दिन वह गुप्त रूप से दवाइयाँ लेना बंद कर देता है, जिससे उसके भ्रम वापस लौट आते हैं। एक बार वह अपने बेटे को नहलाते समय लगभग उसे नुकसान पहुँचा देता है। एलिसिया (उसकी पत्नी) समझ जाती है कि स्थिति गंभीर है। वह बच्चे को लेकर जाने लगती है, लेकिन जॉन उसे रोकता है।
शीर्षक: ए ब्यूटीफुल माइंड (A Beautiful Mind) निर्देशक: रॉन हॉवर्ड (Ron Howard) मुख्य कलाकार: रसेल क्रो (जॉन नैश), जेनिफर कॉनली (एलिसिया नैश), एड हैरिस, पॉल बेटनी पुरस्कार: 4 अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) – सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (जेनिफर कॉनली), सर्वश्रेष्ठ रूपांतरित पटकथा रिलीज़ वर्ष: 2001 कहानी का सारांश (Story Summary) यह फिल्म प्रसिद्ध गणितज्ञ जॉन फोर्ब्स नैश जूनियर (John Forbes Nash Jr.) की वास्तविक जीवनी पर आधारित है। कहानी 1947 में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से शुरू होती है, जहाँ जॉन नैश एक प्रतिभाशाली लेकिन अजीबोगरीब स्नातक छात्र हैं। वह मूल शोध प्रस्तुत करके अपनी पहचान बनाना चाहता है। वह ‘गेम थ्योरी’ (खेल सिद्धांत) पर काम करता है और एक नई अवधारणा ‘नैश इक्विलिब्रियम’ प्रस्तुत करता है।
इस सफलता के बाद वह MIT में प्रोफेसर बन जाता है। वहाँ उसकी मुलाकात एक खूबसूरत और होशियार छात्रा से होती है, जो बाद में उसकी पत्नी बनती है। a beautiful mind in hindi
बाद में पता चलता है कि जॉन को (Paranoid Schizophrenia) नामक मानसिक बीमारी है। चार्ल्स, पार्चर, और एक छोटी लड़की (चार्ल्स की भतीजी) – ये तीनों पात्र पूरी तरह से काल्पनिक हैं। ये केवल जॉन के दिमाग की उपज हैं। उसका "गुप्त एजेंट" बनना, कोड तोड़ना – सब कुछ एक भ्रम (hallucination) था। फिल्म का मुख्य संदेश (The Core Message) जॉन को अस्पताल में भर्ती कराया जाता है और उसे इंसुलिन शॉक थेरेपी दी जाती है। ठीक होने के बाद भी उसके भ्रम पूरी तरह नहीं जाते। उसे दवाइयाँ लेनी पड़ती हैं, जिससे उसकी सोचने की क्षमता प्रभावित होती है। वह अपनी पढ़ाई और गणित पर दोबारा काम नहीं कर पाता।
धीरे-धीरे जॉन को एक गुप्त सरकारी एजेंट (William Parcher) भर्ती करता है। पार्चर जॉन को कहता है कि उसे सोवियत संघ की गुप्त योजनाओं को समझने के लिए समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में छिपे कोड ढूंढने हैं। जॉन यह काम करने लगता है और उसे एक साथी चार्ल्स (Charles) भी दिखाई देने लगता है, जो उसका काल्पनिक रूममेट है। a beautiful mind in hindi
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