ऐसी रहमत कि ग़मगीनों को दिलासा मिला ऐसी रहमत कि तमन्नाओं को रास्ता मिला नूर-ए-हक़ का वो सरापा, सरवर-ए-कौनैन आप ही आप हैं मेहराबों पे रहमत का निशाँ
मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम...
मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम...
|
Informe
|
|
Donar
Oh no, este usuario no ha configurado un botón de donación.
|
![]() |
Novel Cool
Read thousands of novels online
|
ऐसी रहमत कि ग़मगीनों को दिलासा मिला ऐसी रहमत कि तमन्नाओं को रास्ता मिला नूर-ए-हक़ का वो सरापा, सरवर-ए-कौनैन आप ही आप हैं मेहराबों पे रहमत का निशाँ
मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम...
मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम...