यह कहानी सिर्फ रस्सी पर चलने की नहीं, बल्कि सपनों पर चलने की है। क्या आपको लगता है कि आपने कभी अपने डर को पीछे छोड़ा है?
रघु रुकता है, आँखें बंद करता है—फिर धीरे से आगे बढ़ता है। वह हर कदम के साथ डर को पीछे छोड़ता जाता है। बीच में वह एक बार घुटनों पर बैठ जाता है, रस्सी से लिपट जाता है—और फिर खड़ा होता है। नीचे भीड़ जमा हो चुकी है। कोई चिल्लाता है—"यह तो सपना है!" कोई रोता है, कोई तस्वीरें लेता है। पुलिस पहुँचती है, लेकिन कोई हिम्मत नहीं करता ऊपर चढ़ने की।
माँ कहतीं, "बेटा, पैर ज़मीन पर रखना, वरना गिरोगे।"
सूरज निकलता है, और रघु रस्सी पर पहला कदम रखता है। नीचे देखता है—सैकड़ों मीटर नीचे ज़मीन, ताजमहल की संगमरमरी सीढ़ियाँ, और दूर यमुना नदी चाँदी की तरह चमक रही है।
यह कहानी सिर्फ रस्सी पर चलने की नहीं, बल्कि सपनों पर चलने की है। क्या आपको लगता है कि आपने कभी अपने डर को पीछे छोड़ा है?
रघु रुकता है, आँखें बंद करता है—फिर धीरे से आगे बढ़ता है। वह हर कदम के साथ डर को पीछे छोड़ता जाता है। बीच में वह एक बार घुटनों पर बैठ जाता है, रस्सी से लिपट जाता है—और फिर खड़ा होता है। नीचे भीड़ जमा हो चुकी है। कोई चिल्लाता है—"यह तो सपना है!" कोई रोता है, कोई तस्वीरें लेता है। पुलिस पहुँचती है, लेकिन कोई हिम्मत नहीं करता ऊपर चढ़ने की। the walk movie in hindi
माँ कहतीं, "बेटा, पैर ज़मीन पर रखना, वरना गिरोगे।" पैर ज़मीन पर रखना
सूरज निकलता है, और रघु रस्सी पर पहला कदम रखता है। नीचे देखता है—सैकड़ों मीटर नीचे ज़मीन, ताजमहल की संगमरमरी सीढ़ियाँ, और दूर यमुना नदी चाँदी की तरह चमक रही है। the walk movie in hindi